ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥

🌹🌸 श्री मथुरा जी 🌸🌹

🌹🌸 श्री मथुरा जी का इतिहास🌸🌹

मथुरा जी में दर्शन करने योग्य स्थल:

1. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर                  2. द्वारिकाधीश मंदिर

3. विश्राम घाट                                    4. गोकुल

5. वृंदावन                                          6. गोवर्धन पर्वत

7. बरसाना                                         8. नंदगाँव

9. केशी घाट                                     10. भूतेश्वर महादेव मंदिर

 

मथुरा भारत के अत्यंत प्राचीन और पवित्र नगरों में से एक है। यह नगर उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना नदी के तट पर स्थित है और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि होने के कारण विशेष धार्मिक महत्त्व रखता है। मथुरा को सप्त पुरियों में भी शामिल किया गया है, जिनका हिंदू धर्म में मोक्षदायिनी नगरी के रूप में उल्लेख मिलता है।

पौराणिक एवं वैदिक काल

पौराणिक ग्रंथों जैसे महाभारत, भागवत पुराण और हरिवंश में मथुरा का विस्तृत वर्णन मिलता है। मथुरा शूरसेन जनपद की राजधानी थी, जहाँ राजा कंस का शासन था। श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ और उनके मामा कंस का वध कर अधर्म का अंत किया गया। इसी कारण मथुरा और इसके आसपास के क्षेत्र—वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना—कृष्ण लीला स्थलों के रूप में प्रसिद्ध हुए।

ऐतिहासिक काल

ऐतिहासिक दृष्टि से मथुरा का उल्लेख ईसा पूर्व छठी शताब्दी से मिलता है। यह नगर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था क्योंकि यहाँ से उत्तर भारत के प्रमुख व्यापार मार्ग गुजरते थे। मौर्य काल में मथुरा का विकास हुआ और सम्राट अशोक के समय यहाँ बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ।

कुषाण काल (प्रथम से तृतीय शताब्दी) में मथुरा कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना। इस काल की मथुरा कला शैली प्रसिद्ध हुई, जिसमें बुद्ध, जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवताओं की उत्कृष्ट मूर्तियाँ निर्मित की गईं। गुप्त काल में मथुरा धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक उत्कर्ष का प्रतीक रहा।

मध्यकाल

मध्यकाल में मथुरा को कई आक्रमणों का सामना करना पड़ा। महमूद गजनवी और बाद में अन्य मुस्लिम शासकों के आक्रमणों से यहाँ के कई प्राचीन मंदिर नष्ट हुए। मुगल काल में भी मथुरा का धार्मिक महत्व बना रहा। सम्राट अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई और हिंदू मंदिरों को संरक्षण प्रदान किया। बाद के समय में औरंगजेब के काल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को क्षति पहुँची और उसके स्थान पर ईदगाह का निर्माण हुआ।

आधुनिक काल

ब्रिटिश शासन के दौरान मथुरा एक जिला मुख्यालय के रूप में विकसित हुआ। स्वतंत्रता के बाद मथुरा ने एक प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थल का रूप लिया। आज मथुरा-वृंदावन क्षेत्र देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। जन्माष्टमी, होली, रासलीला और गोवर्धन पूजा जैसे पर्व यहाँ अत्यंत श्रद्धा और भव्यता से मनाए जाते हैं।

🚆🛣️✈️ मथुरा कैसे पहुँचे (How to Reach Mathura)

मथुरा भारत के प्रमुख शहरों से रेल, सड़क और वायु मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

🚆 रेल मार्ग द्वारा

मथुरा जंक्शन उत्तर भारत का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है।

  • यह दिल्ली-मुंबई एवं दिल्लीचेन्नई रेल मार्ग पर स्थित है।
  • दिल्ली, आगरा, जयपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
  • नई दिल्ली से मथुरा की यात्रा लगभग 2 से 3 घंटे में पूरी होती है।

🛣️ सड़क मार्ग द्वारा

मथुरा सड़क मार्ग से भी सुगमता से पहुँचा जा सकता है।

  • मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-19 (दिल्लीआगरा मार्ग) पर स्थित है।
  • दिल्ली, आगरा से प्रमुख दूरियाँ इस प्रकार है:
    • दिल्ली से मथुरालगभग 180 किमी
    • आगरा से मथुरालगभग 60 किमी

✈️ वायु मार्ग द्वारा

मथुरा में अपना हवाई अड्डा नहीं है।

  • निकटतम हवाई अड्डा आगरा (खेरिया) हवाई अड्डा है, जो लगभग 60 किमी दूर है।
  • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली (160 किमी) सर्वोत्तम विकल्प है।
  • हवाई अड्डे से मथुरा टैक्सी या ट्रेन द्वारा पहुँचा जा सकता है।
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